Showing posts with label #स्त्री. Show all posts
Showing posts with label #स्त्री. Show all posts

Thursday, 19 September 2024

विशिष्ट स्त्रियाँ

 

एक सामान्य
समाज द्वारा स्वीकृत
सभ्य स्त्री बनने के लिए
एक औरत को छोड़ देनी पड़ती हैं
अपनी समस्त विशिष्ट इच्छाएँ|
वे सभी कामनाएँ जो
समाज द्वारा स्वीकृत,
सर्वमान्य ढाँचे में फिट नहीं होतीं|
करनी पड़ती है उनमें काट-छाँट,
थोड़ी नहीं, बहुत-सी...
क़तर-ब्यौत के बाद ही वह
समा पाती है,
लोगों की आँखों-विचारों- मान्यताओं में बसे
उस नारी स्वरूप के साँचे में|
एक आम इंसान की इच्छाओं से युक्त नारी,
जब, ज़रा भी उस साँचे से बाहर
झाँकती-निकलती
दिख जाती है
बस उसी समय लग जाता है उस पर ठप्पा
सामाजिक अस्वीकृति का ....
स्वीकार नहीं करता समाज
असाधारण स्त्रियाँ ..क्योंकि .......
.... उनके पास पंख होते हैं

All reactions:
Surena Dalal, Reena Chauhan and 28 others


Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
Blogger Tips And Tricks|Latest Tips For Bloggers Free Backlinks