Sunday, 7 April 2013

तो क्या ...........


पैरहन हो बादशाही, चेहरा नूरानी तो क्या ,
रूह में वहशत हो अगर, फिर ज़िस्म इंसानी तो क्या .

बेरुखी का क्यों दिखावा, क्यों जुबां पे तल्ख़ नश्तर,
है जिगर में इश्क तेरे , त्योरियाँ पेशानी तो क्या .

राज़ खोले आँख क्यों ये, दर्द सीने में भले हो 
हो लबों पे मुस्कराहट, आँख में हो पानी तो क्या .

हाथ में तस्बीह लेकर, लूटते हो चैन सबका,
ख्वाब में दौलत जहाँ की, बात गर रूहानी तो क्या.

मंजिलें भी ढूँढ लेती, हैं पता उस शख्स का खुद,
पैर रख तो हौंसले से, राह हो अंजानी तो क्या .

है जुदा अंदाज़ तेरा, हैं  निराले  ढंग तेरे 

हर तरफ़ है बात तेरी, है हमें हैरानी तो क्या . 

35 comments:

  1. बहुत बढ़िया ग़ज़ल......
    सभी शेर लाजवाब हैं...

    अनु

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  2. बहुत खूब ... मंजिल ढूंढ ही लेती है उसका पता ... होंसले की दरकार है ...
    लाजवाब शेर ...

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  3. आपकी यह बेहतरीन रचना बुधवार 10/04/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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    1. हलचल में स्थान देने के लिए शुक्रिया यशोदा जी!

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  4. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार 9/4/13 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां स्वागत है ।

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    1. चर्चा मंच पर बैठने का शुक्रिया राजेश कुमारी जी!

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  5. Bahut behtareen aur Lazwaaaaaab....

    Kishore

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    1. धन्यवाद किशोर जी !

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  6. माशाल्लाह!!!सुभानअल्लाह!!!बेहद ज़हीन और दिलकश ग़ज़ल | दिल खुश हो गया पढ़कर | आदाब

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    1. शुक्रिया तुषार!

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  7. वाह!!!बहुत बेहतरीन सुंदर गजल !!!

    RECENT POST: जुल्म

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    1. आभार ... धीरेन्द्र जी!

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  8. बहुत ,बहुत उम्दा ग़ज़ल

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    1. धन्यवाद मोनिका ... :-)

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  9. वाह, वाह, वाह, हर शेर लाज़वाब. शानदार गज़ल........

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    1. शुक्रिया अरुण जी !

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  10. बहुत ही बेहतरीन सुन्दर ग़ज़ल की प्रस्तुति,आभार.

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    1. धन्यवाद राजेन्द्र कुमार जी ...

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  11. sandesh deti bahut hi khoobsoorat gazal

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    1. शुक्रिया वंदना जी!

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  12. बहुत बहुत खुबसूरत.........पहला शेर तो लाजवाब........

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    1. धन्यवाद इमरान जी!

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  13. Replies
    1. धन्यवाद कालीपद जी !

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  14. हौसलों के साथ पैर रखे तो राहे अनजानी भी रहे तो मुकाम तक पहुंच सकते हैं, भाव वाली पंक्तियां अत्यंत उत्कृष्ट। दो-दो पदों में जबरदस्त ताकत भरी है। बधाई।
    drvtshinde.blogspot.com

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    1. शुक्रिया विजय !

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  15. बेह्तरीन अभिव्यक्ति!शुभकामनायें

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  16. waaaah waaaah bhot achchi gazal bni hai ....mubark

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  17. आपकी यह रचना दिनांक 07.06.2013 को http://blogprasaran.blogspot.in/ पर लिंक की गयी है। कृपया इसे देखें और अपने सुझाव दें।

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  18. andaaj sach me nirala aapka
    hame hairani na ho to aur kya :)
    behtareen..

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आपकी टिप्पणी मेरे लिए अनमोल है.अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई ,तो अपनी कीमती राय कमेन्ट बॉक्स में जरुर दें.आपके मशवरों से मुझे बेहतर से बेहतर लिखने का हौंसला मिलता है.

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