Saturday, 15 June 2013

क्या करूँ समर्पित

क्या करूँ समर्पित 


पितृ दिवस पर 
क्या लिखूँ, क्या करूँ समर्पित 
कैसे दूँ शब्द भावों को मन के 
मात्र बचपन की कुछ यादें नहीं तुम 
कैशोर्य का लड़कपन, यौवन का मार्गदर्शन हो .
हर कदम पर साथ चले जो 
ऐसी घनेरी, स्नेहल छाया हो तुम 
हाँ, मेरे अपने वृक्ष हो तुम 
हर ताप-संताप स्वयं सह
अपनी अमृत धारा से सरसाते 
हाँ मेरे अपने बादल हो तुम 
बचपन से अब तक , हर कदम पर 
स्थिरता दे क़दमों को मुझे संभाला 
निर्भय हो जिस पर पग रखती 
हाँ, मेरे अपने धरातल हो तुम 
क्या लिखूँ, कैसे कुछ शब्दों में 
बखान करूँ तुम्हारा 
क्या करूँ समर्पित 
पितृ दिवस पर 

23 comments:

  1. भावुक करती प्रस्तुति. पितृ दिवस पर शुभकामनाएँ.

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    1. धन्यवाद रचना जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  2. waaaaaaaaah waaaaaaaaaaaaaah bhot khub ye ruh ko chune vale shabd hai bhot khubt

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    1. धन्यवाद अशोक जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  3. पिता संबल होते हैं .. मजबूर साया होते हैं जीवन में ...
    शब्द कम पढ़ जाते हैं कई बार ... बहुत ही भावपूर्ण अभिव्यक्ति है ... आपको बधाई इस दिन की ...

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    1. धन्यवाद दिगंबर जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  4. नमस्कार
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (17-06-2013) के :चर्चा मंच 1278 पर ,अपनी प्रतिक्रिया के लिए पधारें
    सूचनार्थ |

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    1. धन्यवाद सरिता जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  5. बहुत सुन्दर..पितृ दिवस की शुभकामनायें...

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    1. धन्यवाद कैलाश जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  6. ब्लॉग बुलेटिन की फदर्स डे स्पेशल बुलेटिन कहीं पापा को कहना न पड़े,"मैं हार गया" - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    1. धन्यवाद जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  7. Replies
    1. धन्यवाद भारद्वाज जी
      , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  8. behtareen... pitra diwas ki shubhkamnayen...
    aapke papa ko naman :)

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    1. धन्यवाद मुकेश जी , आपको भी पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  9. मन को भिगोती सी बहुत सुन्दर रचना ! बिलकुल अपने मन के भावों का प्रतिबिम्ब लगी ! पितृ दिवस की आपको हार्दिक शुभकामनायें !

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  10. बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण अभिव्यक्ति,सादर आभार।

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  11. बहुत सुंदर भावुक करती प्रस्तुति,,,

    RECENT POST: जिन्दगी,

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  12. सच पिता जी ऐसे ही होते हैं
    मन के भीतर पनपती सुंदर और सच्ची अनुभूति
    पिता को नमन
    सादर

    आग्रह है
    पापा ---------



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  13. अद्भुत ,
    अनूठा ,
    अनुपम काव्य .... !

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  14. khoobsurat ..vatsalya ras se paripoorna ..pita ko samarpit anupam bhent ..bahut achhi abhivyakti :-)
    मेरी नयी रचना Os ki boond: लव लैटर ...

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  15. पापा की प्यारी बेटी के लिए मंगलकामनाएं !

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