ख्वाब बन आंखों में समाओ, पलकों पे सजो,
हकीकत बन रातों की नींद न उड़ाओ तो अच्छा है .
ख्यालों के इन्द्रधनुष सजाओ, रंगीन परों पे तिरो,
असलियत की सख्त ज़मीं न दिखाओ तो अच्छा हो .
हकीकत बन रातों की नींद न उड़ाओ तो अच्छा है .
ख्यालों के इन्द्रधनुष सजाओ, रंगीन परों पे तिरो,
असलियत की सख्त ज़मीं न दिखाओ तो अच्छा हो .




