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Monday, 23 March 2026

सादगी

 

न हुनर काम आया, न अदा काम आई|

उसे सादगी पसंद थी, बस वही काम आई|

 

खुशियों की दौलत बटोरी उन्होंने

गमों की सौगात मिरे नाम आई

 

ख़ुशी का है आलम, तुम संग में हो

बड़ी मुश्किलों से है ये शाम आई

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